ड्रिप सयंत्र ऑनलाइन आवेदन 2024: इसे ‘टपक सिंचाई’ या ‘बूँद-बूँद सिंचाई’ भी कहते हैं। ड्रिप सिस्टम सिंचाई की आधुनिकतम तकनीक है।
इस तकनीक मे से पानी की अत्यधिक बचत होती है इस तकनीक के अन्तर्गत पानी को पौधों की जड़ों में बूंद-बूंद करके लगाया जाता है।

ड्रिप सिंचाई एक प्रकार की सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली है। जिसमें पानी को मिट्टी की सतह के ऊपर से या सतह के नीचे से पौधों की जड़ों तक धीरे-धीरे टपकने की अनुमति देकर पानी और पोषक तत्वों को संरक्षित करने की क्षमता होती है। पानी को सीधे जड़ क्षेत्र में डालना और वाष्पीकरण को कम करना है।
ड्रिप संयंत्र द्वारा पानी की प्रत्येक बूंद का समुचित उपयोग। जल की 75-80 प्रतिशत बचत तथा कुशल तकनीक द्वारा गुणवत्तापूर्ण उत्पादन में वृद्धि।
ड्रिप संयंत्र के लिए अनुदान
- सामान्य कृषकों को 70 प्रतिशत तथा लघु, सीमान्त अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति, महिला कृषकों को 75 प्रतिशत अनुदान देय है।
- समस्त श्रैणी के कृषकों को ड्रिप संयंत्र पर अधिकतम 5 हैक्टेयर क्षेत्रफल तक अनुदान देय है
ड्रिप संयंत्रके लिए पात्रता
- कम से कम 0.2 हेक्टेयर सिंचित कृषि योग्य भूमि हो।
आवेदन
- ई-मित्र केन्द्र पर जाकर आवेदन कर सकेगा।
- कृषक के पास आपूर्तिकर्ता चयन का अधिकार
- आवश्यक दस्तावेज जमाबन्दी नकल (6 माह से अधिक पुराने नहीं हो), आधार कार्ड/जनाधार कार्ड, सिंचाई स्त्रोत प्रमाण पत्र, मृदा एवं जल परीक्षण रिपोर्ट आपूर्तिकर्ता का कोटेशन ।
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ड्रिप सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
- उधान विभाग से प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के बाद।
- भौतिक सत्यापन में सही पाये जानें पर अनुदान राशि कृषक को या कृषक की सहमति से आपूर्तिकर्ता निर्माता / डीलर के खाते में की जाती है।
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