नए फल बगीचों की स्थापना हेतु ऑनलाइन फॉर्म 2024: फलदार वृक्षों के बगीचों से किसानों की आय बढ़ाना।पारंपरिक फसलों की तुलना में उच्च मूल्य वाली फलों की फसलों की खेती की सुविधा प्रदान करके किसानों की आय बढ़ाने के लिए “नए फलों के बागानों की स्थापना”।

नए फल बगीचों की स्थापना हेतु अनुदान
- उच्च मूल्य एवं सामान्य अन्तराल वाली फसलों पर निर्धारित इकाई लागत का 50 प्रतिशत एवं अधिकतम राशि रू0 30,000/- प्रति हेक्टेयर। लघु/सीमांत कृषकों को 25 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान दिया जाता है।
- सघन बागवानी उद्यान हेतु निर्धारित इकाई लागत का 40 प्रतिशत, अधिकतम राशि रू. 40000/- प्रति हेक्टेयर. अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के लिए 50 प्रतिशत। लघु/सीमांत कृषकों को 25 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान दिया जाता है।
- एक किसान को न्यूनतम 0.4 हेक्टेयर तथा अधिकतम 4.0 हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए अनुदान दिया जायेगा। अनुसूचित जाति/जनजाति के कृषकों एवं जनजातीय क्षेत्रों के लिए न्यूनतम क्षेत्रफल सीमा 0.2 हेक्टेयर होगी।
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नए फल बगीचों की स्थापना के लिए योग्यता
आवेदक के पास कृषि भूमि का स्वामित्व और सिंचाई स्रोत होना चाहिए।
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नए फल बगीचों की स्थापना हेतु आवेदन
- ई-मित्र केंद्र पर जाकर आवेदन किया जा सकता है।
- आवश्यक दस्तावेज, आधार कार्ड/जन आधार कार्ड, जमाबंदी की प्रति (छह माह से अधिक पुरानी नहीं)।
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नए फल बगीचों की स्थापना हेतु महत्वपूर्ण बिंदु
- बगीचों में ड्रिप प्लांट लगाना अनिवार्य होगा। ड्रिप प्लांट की स्थापना के बाद ही किसानों को फलदार पौधे उपलब्ध कराये जायेंगे.
- जनजातीय क्षेत्र के किसानों को 0.4 हेक्टेयर से कम क्षेत्र में उद्यान लगाने पर ड्रिप सिंचाई प्रणाली की आवश्यकता से छूट दी जायेगी।
- फलों के बगीचों की स्थापना के लिए एन.एच.बी. मान्यता प्राप्त नर्सरी/रामहंस नर्सरी/सरकारी उपक्रम/कृषि विश्वविद्यालय/कृषि महाविद्यालय/अर्धसरकारी, भारत सरकार के संस्थानों/अनुसंधान केंद्र/फार्म या किसी अन्य सरकारी संस्थान से पौधे खरीदने और बगीचा लगाने पर सब्सिडी दी जाएगी।
- भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान राशि का भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में कर दिया जाएगा।
